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वास्तु टिप्स: सुबह उठते ही इन चीजों को देखना होता है अशुभ, जानें किनसे बचें और क्या देखें

वास्तु टिप्स
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वास्तु टिप्स: भारत में सुबह की शुरुआत को बेहद खास माना जाता है। हमारी संस्कृति में यह विश्वास है कि दिन की शुरुआत जैसी होगी, वैसे ही पूरे दिन का असर पड़ेगा। वास्तु शास्त्र भी यही कहता है कि सुबह उठकर सबसे पहले क्या देखते हैं, यह हमारे जीवन की दिशा और ऊर्जा को प्रभावित करता है। कई बार अनजाने में हम ऐसी चीजों पर नजर डाल देते हैं, जो शुभ नहीं बल्कि अशुभ मानी जाती हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपका दिन अच्छा गुज़रे और घर में सुख-समृद्धि बनी रहे, तो आइए जानते हैं किन चीजों को सुबह उठते ही देखने से बचना चाहिए और कौन सी चीजें देखना शुभ होता है।

टूटे-फूटे सामान और गंदगी

सुबह उठते ही यदि आपकी नजर कमरे में फैली गंदगी, टूटे बर्तन या फटे कपड़ों पर पड़े तो यह नकारात्मकता को आमंत्रित करता है।
वास्तु मान्यता: यह गरीबी, तनाव और काम में रुकावट का कारण बन सकता है।
देसी उपाय: घर और खासकर सोने वाला कमरा हमेशा साफ-सुथरा रखें। रात को सोने से पहले कमरे को व्यवस्थित कर लें, ताकि सुबह आंख खुलते ही सकारात्मक माहौल मिले।

मकड़ी के जाले और धूल

छत या कोनों में लगे मकड़ी के जाले और धूल-मिट्टी भी शुभ संकेत नहीं माने जाते। सुबह-सुबह अगर यह नजर आ जाए तो मन पर बोझ महसूस होता है।

वास्तु टिप्स

(Photo: AI generated)


वास्तु मान्यता: यह घर में रुकावट और धन हानि का कारण बनता है।
देसी उपाय: नियमित रूप से झाड़ू-पोछा करें। खास ध्यान रखें कि सोने वाले कमरे के कोनों में कभी भी जाले न लगें।

आईना (दर्पण)

कई लोग सुबह उठते ही सीधे आईने में खुद को देख लेते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र में इसे शुभ नहीं माना गया है।
वास्तु मान्यता: इससे दिनभर मानसिक अशांति, थकान और नकारात्मक विचार पनप सकते हैं।
देसी उपाय: बेड के सामने आईना न लगाएं। अगर लगाना जरूरी हो तो रात को उसे ढक दें।

झाड़ू और कूड़ादान

सुबह उठते ही अगर नजर झाड़ू या कूड़ादान पर पड़ जाए तो यह भी अपशकुन माना जाता है।
वास्तु मान्यता: यह घर की लक्ष्मी को नाराज़ करता है और आर्थिक दिक्कतें ला सकता है।
देसी उपाय: झाड़ू को हमेशा खड़ा करके कोने में रखें और कूड़ादान को सोने वाले कमरे से बाहर रखें।

उदासी या रोते हुए चित्र

कई लोग सजावट के लिए कमरे में ऐसे चित्र लगा देते हैं, जिनमें उदासी, युद्ध या रोते हुए बच्चे दिखाई देते हैं। सुबह सबसे पहले इन्हें देखना अशुभ होता है।
वास्तु मान्यता: यह घर में तनाव और कलह को बढ़ाता है।
देसी उपाय: कमरे में देवी-देवताओं, हरियाली या हंसते-खिलखिलाते चेहरों वाले चित्र लगाएं।

खाली बर्तन और खाली पानी की बोतल

सुबह उठकर सबसे पहले खाली बर्तन या खाली बोतल देखना भी अभाव का प्रतीक है।
वास्तु मान्यता: यह जीवन में कमी और बाधा का संकेत देता है।
देसी उपाय: रात को सोने से पहले पानी की बोतल भरकर रखें। सुबह उठते ही उसी पानी को पीना स्वास्थ्य और वास्तु दोनों के लिए शुभ है।

कौवा या अशुभ पक्षी

अगर सुबह उठते ही खिड़की से बाहर देखने पर कौवा या अन्य अशुभ पक्षी दिख जाएं तो इसे भी वास्तु में अच्छा नहीं माना गया है।
वास्तु मान्यता: यह विवाद या दुखद समाचार का संकेत देता है।
देसी उपाय: सुबह उठते ही पहले भगवान का नाम लें और फिर खिड़की खोलें।

सुबह उठते ही क्या देखना चाहिए?

अशुभ चीजों से बचने के साथ-साथ यह भी जरूरी है कि सुबह उठते ही नजर शुभ चीजों पर पड़े। इससे दिनभर सकारात्मकता और उत्साह बना रहता है।

वास्तु टिप्स

(Photo: AI generated)

  • भगवान की तस्वीर या मूर्ति: सुबह आंख खुलते ही भगवान का स्मरण करने से दिन मंगलमय होता है।
  • तुलसी या हरा पौधा: यह घर में सकारात्मक ऊर्जा और शांति लाता है।
  • सूरज की पहली किरण: सूर्य को देखकर जल अर्पित करना दिनभर के लिए ऊर्जा का संचार करता है।
  • पानी में अपना चेहरा: सुबह उठते ही पानी में अपना चेहरा देखने की परंपरा है। इसे शुभ माना जाता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।

निष्कर्ष

वास्तु शास्त्र सिर्फ ईंट-पत्थर की दिशा नहीं बताता, बल्कि यह जीवन को व्यवस्थित और सकारात्मक बनाने का मार्गदर्शन देता है। सुबह की शुरुआत अगर अच्छी होती है तो दिनभर उत्साह और सफलता मिलती है। इसलिए ध्यान रखें कि उठते ही आंखें किसी अशुभ चीज़ पर न पड़ें। इसके बजाय भगवान का नाम लें, तुलसी का पौधा देखें या सूरज की किरणों को निहारें।

याद रखिए – सुबह की पहली झलक ही आपके दिन का भविष्य तय कर सकती है।

डिस्क्लेमर– यह लेख सामान्य जानकारी और भारतीय परंपरा व वास्तु शास्त्र पर आधारित है। इसमें बताए गए सुझाव धार्मिक और मान्यताओं से जुड़े हैं। इनका उद्देश्य केवल पाठकों को जानकारी देना है, किसी भी प्रकार की गारंटी या निश्चित परिणाम का दावा नहीं किया जाता। जीवन से जुड़े निर्णय लेते समय हमेशा अपनी परिस्थिति और विशेषज्ञ की सलाह को प्राथमिकता दें। लेखक या वेबसाइट किसी भी नुकसान या परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।

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