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ओटीटी के ‘जीतू भैया’: जानें जितेंद्र कुमार के अनसुने किस्से और करियर की सफलता

जितेंद्र कुमार
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जितेंद्र कुमार: आज हम बात करेंगे भारतीय ओटीटी जगत के सबसे चहेते कलाकारों में से एक, जितेंद्र कुमार की। जिन्हें फैंस प्यार से “जीतू भैया” कहकर बुलाते हैं। उनका जन्म राजस्थान के अलवर जिले में हुआ। छोटे शहर से निकलकर बॉलीवुड और ओटीटी की दुनिया में अपनी पहचान बनाने तक का उनका सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं।

शुरुआती जीवन और पढ़ाई

जितेंद्र कुमार का बचपन अलवर में ही बीता। पढ़ाई में हमेशा होशियार, उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद इंजीनियरिंग की राह चुनी। IIT खड़गपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद उन्होंने एक जापानी कंपनी में नौकरी भी की। लेकिन दिल हमेशा अभिनय की तरफ खिंचता रहा। थिएटर और एक्टिंग में उनकी रुचि ने उन्हें इस राह पर खड़ा कर दिया।

अभिनय की शुरुआत और मुश्किलें

जितेंद्र ने दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) में भी दाखिला लेने की कोशिश की, लेकिन दूसरे राउंड में रिजेक्ट हो गए। यह उनके लिए एक बड़ा झटका था, लेकिन हार मानना उनके खून में नहीं था। हार न मानने की यही सोच उन्हें मुंबई ले आई। मुंबई में उन्होंने छोटे-मोटे रोल करने शुरू किए, थिएटर में एक्टिंग की और धीरे-धीरे अपनी जगह बनाई।

जितेंद्र कुमार

‘कोटा फैक्ट्री’ से मिली पहचान

2019 में आते ही उनकी जिंदगी बदल गई। ‘कोटा फैक्ट्री’ वेब सीरीज़ में ‘जीतू भैया’ का किरदार उन्होंने निभाया, जिसने सीधे छात्रों और युवा दर्शकों के दिलों में जगह बना ली। इस सीरीज़ में उनके अभिनय की सादगी और कनेक्टिंग पावर ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। लोग उन्हें सिर्फ एक अभिनेता नहीं बल्कि मेंटर और दोस्त की तरह भी देखने लगे।

‘पंचायत’ और ग्रामीण किरदारों की छवि

‘कोटा फैक्ट्री’ के बाद, जितेंद्र ने ‘पंचायत’ सीरीज़ में भी अपने अभिनय का जादू दिखाया। इस सीरीज़ में उन्होंने ग्रामीण भारत की सादगी, मासूमियत और संघर्ष को पर्दे पर उतारा। उनका किरदार दर्शकों को बेहद पसंद आया। यही वजह है कि आज उन्हें सिर्फ शहरी ही नहीं, बल्कि ग्रामीण और छोटे शहर के दर्शक भी उतना ही पसंद करते हैं।

बॉलीवुड फिल्मों में कदम

ओटीटी की दुनिया में अपनी जगह बनाने के बाद, जितेंद्र ने बॉलीवुड फिल्मों में भी हाथ आजमाया। आयुष्मान खुराना के साथ ‘शुभ मंगल ज्यादा सावधान’ में उन्होंने अलग तरह के किरदार निभाए। उनकी एक्टिंग की खासियत यह है कि चाहे रोल बड़ा हो या छोटा, जितेंद्र उसे अपने दमदार अंदाज और सादगी से निभाते हैं।

जितेंद्र कुमार

कॉमेडी से इमोशन तक का सफर

जितेंद्र कुमार की सबसे बड़ी खासियत है उनकी बहुमुखी प्रतिभा। वह कॉमेडी सीन हों या इमोशनल, हर किरदार में जान डाल देते हैं। उनके अभिनय में कोई दिखावा नहीं, सिर्फ नेचुरल परफॉर्मेंस है। यही वजह है कि दर्शक उनसे तुरंत जुड़ जाते हैं और उनके किरदारों को दिल से महसूस करते हैं।

समर्पण और मेहनत की मिसाल

जितेंद्र की कहानी हमें यही सिखाती है कि अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी सपना सच हो सकता है। छोटे शहर के लड़के से लेकर ओटीटी और फिल्मों में स्टार बनने तक का उनका सफर प्रेरणा से भरा हुआ है।

फैंस के लिए संदेश

जितेंद्र हमेशा फैंस के लिए सरल और मिलनसार रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी वह अपने फैंस के साथ जुड़े रहते हैं और उनकी मेहनत की सराहना करते हैं। उनकी यह सोच उन्हें और भी खास बनाती है।

निष्कर्ष

जितेंद्र कुमार का जीवन संघर्ष, सादगी और सफलता का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने दिखाया कि बड़े सपनों को पाने के लिए बड़े शहर की जरूरत नहीं होती, बस जुनून और मेहनत होनी चाहिए। आज जितेंद्र सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि छोटे शहर के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।

उनकी कहानी यह बताती है कि अगर हम अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार और समर्पित रहें, तो सफलता निश्चित है। चाहे आप छोटे शहर से हों या बड़े शहर से, जीतेंद्र कुमार की तरह हिम्मत और मेहनत से हर मंजिल पाई जा सकती है।

डिस्क्लेमर– यह आर्टिकल केवल सूचना और मनोरंजन के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी स्रोतों और उपलब्ध सामग्री पर आधारित है। इसे किसी भी कानूनी, वित्तीय या व्यक्तिगत निर्णय के लिए इस्तेमाल न करें। लेखक और वेबसाइट इस सामग्री के उपयोग से उत्पन्न किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।

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